छत्तीसगढ़ में राजनीति में मंत्री टीएस सिंहदेव ने हड़कंप मचा दिया है। टीएस सिंहदेव ने पंचायत एवं कल्याण मंत्री का पद छोड़ दिया है। जबकि, वे स्वास्थ्य मंत्री बने रहेंगे। आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक रायपुर में हुई।
इस बैठक से टीएस सिंहदेव एबसेंट रहे। माना जा रहा है कि इस्तीफे के बाद से टीएस सिंहदेव और सीएम भूपेश बघेल के बीच में बातचीत नहीं हुई है। इस बात की पुष्टि खुद सीएम कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक सिंहदेव अपनी बात दिल्ली जाकर हाईकमान के पास रख सकते हैं। वहीं रविवार रात रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सिंहदेव शामिल नहीं हुए।
दरअसल, सिंहदेव पिछले 6 महीने से नाराज बताए जा रहे हैं। शनिवार को उन्होंने 4 पन्नों का एक पत्र मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा। पत्र में उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग में दखलअंदाजी का आरोप लगाते हुए विभाग छोड़ने की बात कही थी।
आज सुबह से ही सीएम भूपेश ने कहा था कि, मेरे पास अभी पत्र नहीं आया है। आएगा तो मैं देख लूंगा। बैठकर हम लोग बात कर लेंगे। शनिवार रात को मैंने उन्हें फोन लगाया। मगर, उनका फोन नहीं लगा।
वहीं कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि, ताजा घटनाओं की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल को दे दी है। हमने मुख्यमंत्री निवास में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान का सामान्य प्रशिक्षण होना है।
गुजरात दौरे पर रहेंगे टीएस सिंहदेव
संभावना जताई जा रही है कि मंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा के मानसून सत्र में भी शामिल नहीं होंगे। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। उस दिन सिंहदेव गुजरात के दौरे पर रहेंगे।
कांग्रेस ने उन्हें गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए ऑब्जर्वर बनाया है। अगर सिंहदेव नहीं लौटे तो सरकार को उनके विभागों के सवालों का जवाब देने के लिए किसी अन्य मंत्री को जिम्मेदारी देनी हाेगी।
मंत्री टीएस सिंहदेव ने शनिवार शाम को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चार पेज का एक पत्र लिखा है। इसमें विभाग में लगातार दखलअंदाजी और उनके प्रस्तावों पर काम नहीं होने की गंभीर शिकायतें हैं।
इस पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भार से खुद को अलग कर रहे हैं। इस पत्र के बाद प्रदेश की राजनीति में तूफान आया हुआ है।
