जमीन विवाद मामला: वक्फ बोर्ड के दावे पर भ्रामक प्रचार कर रही है BJP- विधायक अरुण वोरा

दुर्ग। दुर्ग में सोशल मीडिया के माध्यम से एक भ्रामक खबर प्रसारित की गई है। जिसमें आधे दुर्ग शहर में वक्फ बोर्ड का दावा कहते समाचार वायरल किया जा रहा है। दुर्ग शहर में वक्फ बोर्ड के दावे को लेकर भ्रामक प्रचार के लिए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में कलेक्टर से मुलाकात कर उचित कार्रवाई करने कहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इधर, कलेक्टर ने इस पूरे मामले को खारिज कर दिया है। कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में विधायक अरुण वोरा, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आरएन वर्मा, महापौर धीरज बाकलीवाल, निगम सभापति राजेश यादव शामिल थे।

वोरा ने कहा कि पिछले चार साल के भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों से भाजपा बौखला गई है। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुद्दाविहीन भाजपा अकारण अफवाह फैलाने का काम कर रही है। वोरा ने कहा कि दुर्ग की जनता जागरूक है। भाजपा के झूठ और प्रपंच को जनता अच्छी तरह समझती है। भाजपा का यह चुनावी पैंतरा जनता ने ही खारिज कर दिया है। वोरा ने कहा कि लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। इस अफवाह को फैलने पर कड़ाई से रोक लगाई जाए। पूरी तरह राजनीति से प्रेरित मामला उठाया जा रहा है। 

पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आरएन वर्मा, महापौर धीरज बाकलीवाल, निगम सभापति राजेश यादव ने कहा है कि शहर में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शहर के चौमुखी विकास से भाजपा घबरा गई है। इसी घबराहट में चुनाव से ऐन पहले अफवाह का सहारा लेकर वक्फ बोर्ड के नाम पर झूठ फैलाने का काम किया जा रहा है। भाजपा का यह पैंतरा काम नहीं आएगा। आम जनता केवल विकास चाहती है। भूपेश सरकार के शानदार कार्यों के कारण राज्य में भाजपा की हालत पतली हो रही है।   

जानिए क्या है पूरा मामला :-

सोशल मीडिया के माध्यम से एक खबर प्रसारित की गई है, जिसमें आधे दुर्ग शहर में वक्फ बोर्ड का दावा कहते समाचार वायरल किया जा रहा है। इस खबर के आधार पर दुर्ग में सांप्रदायिक आधार पर माहौल खराब करने की कोशिशें की जा रही है। इसे संज्ञान में लेते हुए दुर्ग जिला प्रशासन ने कल एक प्रेस नोट जारी किया। प्रेस नोट के माध्यम से अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई ने कहा कि खसरा नंबर 21/2, 21/3, 29/2, 146/4, 109 निजी भूमि स्वामी के नाम पर दर्ज है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य वक्फ बोर्ड रायपुर द्वारा इन खसरे नंबर को छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड रायपुर के नाम पर नामांतरण के लिए आवेदन किया गया है। उनके द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर वर्तमान में भूमि अंतरण की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें। इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने पूरे मामले को खारिज कर दिया है।

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