दिल को झकझोर देने वाला मामला: वो बेबसी के 6 घंटे… 12 साल की रेप पीड़ित बच्ची अर्धनग्न हालत में दर-दर भटकी… कई दरवाजों और दुकान पर गई, किसी ने नहीं की मदद, खून से सनी हालत में 8 किमी तक किया सफर

दिल को झकझोर देने वाला मामला

उज्जैन। मध्यप्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन में नाबालिग लड़की के साथ हुई हैवानियत ने हर किसी को झकझोर के रख दिया है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक विपक्षी नेता इस घटना की निंदा कर रहे हैं। तो वहीं कई लोगों की आखों में आंसू हैं कि आखिर हम किस समाज में जी रहे हैं। किसी में इंसानियत नहीं बची। कैसे 12 साल की बच्ची रेप के बाद अर्धनग्न हालत में खून से सनी भटकती रही…लेकिन उसके लिए किसी का पत्थर दिल नहीं पसीजा…

जांच में सामने आया है कि बच्ची सोमवार सुबह 6 बजे से डरी-सहमी लड़खड़ाते हुए एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी हाईवे-ढाबे से होकर गुजरी। उसके पैर लड़खड़ाते रहे और उसके फटे कपड़ों से खून बहता रहा, रोती-चीखते हुए मदद मांगती रही। लेकिन कोई उसकी मदद करने नहीं आया। कोई उसे पागल समझा तो कोई भीख मांगने वाली बच्ची…लेकिन किसी ने पास आकर उसके हालात नहीं जाने। उसने करीब 6 घंटे तक रोते-बिलखते हुए 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया।

उज्जैन पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच पड़ताल शुरू की। सीसीटीवी में बच्ची एक ऑटो ड्राइवर के साथ नजर आ रही है। पुलिस इसके लिए गुरुवार सुबह तक 5 ऑटो ड्राइवर को पूछताछ के लिए राउंडअप कर लिया है। वहीं जांच में सामने आया है कि पीड़िता मूलरूप से सतना जिले की रहने वाली है। बच्ची की मां बचपन में ही उसे छोड़कर चली गई थी। पिता अर्धविक्षिप्त हैं। बच्ची अपने दादा और बड़े भाई के साथ एक गांव में रहती है। गांव के ही स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ती है। उसके लापता होने पर दादा ने 24 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मामले की जांच कर रहे उज्जैन एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि पीड़िता के परिवार को इस बारे में सूचना दे दी गई है। वहीं सतना जिले की पुलिस को भी जानकारी दी गई है। बच्ची 24 सितंबर को घर से गायब हुई थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सतना जिले के जैतवारा थाने में दर्ज है। सतना पुलिस उज्जैन के लिए रवाना हुई है। बच्ची 24 सितंबर को ही अपने घर से निकलकर ट्रेन से उज्जैन पहुंची थी। वह सोमवार तड़के 3 बजे उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उतरी। यहां उसने एक ऑटो ड्राइवर से कुछ बात की। इसके बाद वो इस हालत में मिली।

बता दें कि यह घटना 25 सितंबर को सामने आई थी, तब नाबालिग बच्ची बदहवास हालत में महाकाल थाना इलाके में दांडी आश्रम के पास मिली थी। उसके कपड़ों और प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। बताया जाता है कि वह इस हालत में ढाई घंटे तक भटकती रही, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। फिर पुलिस को इस घटना का सीसीटीवी मिला तो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। तब मासूम ने बताया कि उसके और उसकी मां के साथ कुछ गलत हुआ है। बच्ची की हालत बिगड़ते देख उसे इंदौर रेफर किया गया। वहां उसे खून चढ़ाया गया, एक पुलिसकर्मी ने बच्ची को अपना खून दिया। हालांकि अब बच्ची अब खतरे से बाहर है। डॉक्टरों ने उसके साथ रेप की पुष्टि की है।

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