मंत्रालय ने देश में 10 इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर चुने, इसमें भिलाई का रूंगटा आर-1 ग्रुप शामिल, प्रदेश के पहला निजी संस्थान को मौका…

भिलाई। छत्तीसगढ़ के लघु उद्योगों को अब तकनीकी परामर्श मिलेगा। देश के बड़े उद्योगों के एक्सपट्र्स मेंटर बनेंगे। लघु उद्योगों के बिजनेस आइडिया को और बेहतर बनाकर उनके लिए सटीक मार्केट उपलब्ध कराने में भी मदद की जाएगी। इसके लिए एमएसएमई मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ का पहला इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर भिलाई में शुरू कर दिया है। एमएसएमई ने इनोवेटिव स्कीम 2025-26 के तहत देशभर में 10 फैसिलिटेशन सेंटर की शुरुआत की है।

खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के लघु उद्योगों और उनके बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए रूंगटा इंटरनेशनल स्किल्स यूनिवर्सिटी के संघटक इंजीनियरिंग कॉलेज (रूंगटा आर-१) को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी फैसिलिटेशन सेंटर का दर्जा दिया गया है। इसके लिए रूंगटा कॉलेज के आईपीएफसी सेंटर को अनुदान के तौर पर 47.22 लाख की ग्रांट स्वीकृत की गई है। आरटीईटी यह गौरव पाने वाला छत्तीसगढ़ का पहला निजी संस्थान बन गया है। एमएमएमई इस सेंटर के लिए एक साल में एक करोड़ रुपए तक की ग्रांट उपलब्ध कराएगा, जिससे प्रदेश के लघु उद्योगों को मदद दी जाएगी।

लघु उद्योगों को क्या फायदा
डीन आरएंडडी डॉ रामकृष्ण राठौर ने बताया कि, इस सेंटर का मुख्य काम लघु उद्योगों के प्रतिनिधियों और उद्योगों की हस्तियों को कनेक्ट करना होगा। इसके साथ लघु उद्योगों के आइडिया और बिजनेस के पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिज़ाइन और कॉपीराइट पंजीकरण में मार्गदर्शन का काम भी रूंगटा के आईपीएफसी सेंटर के जरिए होगा। इस सेंटर में पंजीयन के बाद लघु उद्योगों को तकनीकी परामर्श और उद्योग विशेषज्ञों से मेंटरशिप मिलेगी। एक्सपर्ट के साथ लघु उद्योग नवाचार को बाजार तक पहुंचने की रणनीति बनाएंगे। इन सुविधाओं से युवा इनोवेटर्स, कारीगरों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को अपने विचार सुरक्षित कर उन्हें सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलेगा।

लघु उद्योगों और स्टार्टअप्स को नए मौके
यह आईपीएफसी सेंटर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपटी) पंजीकरण, संरक्षण और व्यावसायीकरण की सुविधा उपलब्ध कराएगा। छत्तीसगढ़ में अब केवल तीन आईपीएफसी सेंटर हैं। पहला एमएसएमई डीआई, दूसरा सीजीकॉस्ट रायपुर और अब तीसरे संस्थान के तौर पर रूंगटा आर-१ इंजीनियरिंग कॉलेज को शामिल किया गया है। इस सेंटर के माध्यम से उद्यमी अपने विचारों को सुरक्षित कर प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकेंगे।

नवाचार में अग्रणी भूमिका
रूंगटा आर-१ ग्रुप का अपना बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर (रूबी) पहले से ही ३२ छात्र इनोवेटर्स, 17 स्टार्टअप और 10 इनक्यूबीटी स्टार्टअप्स को क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और उद्योग मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। अब आईपीएफसी के रूप में आरसीईटी इन सेवाओं का दायरा और बढ़ाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके। इस उपलब्धि पर रूंगटा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति संतोष रूंगटा ने कहा कि, हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के हर इनोवेटर और उद्यमी को विश्वस्तरीय बौद्धिक संपदा संरक्षण और नवाचार समर्थन मिले, ताकि एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम नई ऊंचाइयों को छू सके।

पेटेंट फीस में छूट मिलेगी
इस सेंटर के जरिए नए लघु उद्योगों की शुरुआत करने वालों को भी मदद मिलेगी। वहीं ऐसे उद्योग जो बिजनेस को पंजीयन के साथ-साथ बिजनेस प्रोडक्ट या आइडिया कॉपीराइट चाहते हैं, उनको भी यहां से परामर्श मिलेगा। पेटेंट और आईपीआर फाइल करने के दौरान उद्योगों को भारी फीस चुकानी होती है। यदि वे इस सेंटर में पंजीयन करते हैं तो पेटेंट में लगने वाली फीस में बड़ी छूट मिलेगी या उनका पैसा शुल्क ही वापस हो जाएगा।

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