रायपुर। राजधानी रायपुर के राखी थाना क्षेत्र में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक पूर्व अधीक्षण अभियंता (SE) को भ्रष्टाचार के मामले में फंसाने की धमकी देकर साढ़े नौ लाख रुपये ऐंठने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी करने वाला कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का पुराना परिचित और जगदलपुर का एक टेंट संचालक निकला।

ऐसे बुना गया ठगी का जाल
मामला 28 जनवरी 2026 से शुरू हुआ, जब PWD के पूर्व अधीक्षण अभियंता देवलाल सिंह टेकाम के पास अज्ञात नंबरों से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ACB-EOW (एसीबी-ईओडब्ल्यू) का अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत दर्ज है।
घबराए हुए टेकाम ने मदद के लिए अपने परिचित धर्मेंद्र चौहान को फोन लगाया। धर्मेंद्र ने पहले तो उन्हें सांत्वना दी और नंबर ब्लॉक करने की सलाह दी, लेकिन बाद में उसने खुद इस डर का फायदा उठाने की साजिश रच ली।
मददगार बनकर आया और फिर खुद बना ‘फर्जी ऑफिसर’
आरोपी धर्मेंद्र चौहान ने एक नया नंबर लिया और टेकाम को व्हाट्सएप पर फर्जी शिकायत की कॉपी भेजी। उसने खुद को एसीबी का बड़ा अधिकारी बताते हुए टेकाम को डराया कि अगर वे गिरफ्तारी से बचना चाहते हैं, तो उन्हें 10 लाख रुपये देने होंगे। डर के मारे पीड़ित ने आरोपी को 9.50 लाख रुपये दे दिए।
“जब आरोपी धर्मेंद्र ने साढ़े नौ लाख रुपये लेने के बाद दोबारा और पैसों की मांग शुरू की, तब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई।”

पुलिस जांच में खुला राज: परिचित ही निकला मास्टरमाइंड
ग्रामीण पुलिस और एएसपी संदीप मित्तल के नेतृत्व में जब जांच शुरू हुई, तो तकनीकी विश्लेषण (Call Detail Record) से पता चला कि जिस नंबर से धमकी भरे कॉल आ रहे थे, वह नंबर टेकाम के परिचित धर्मेंद्र चौहान का ही है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जगदलपुर से आरोपी को हिरासत में लिया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
कड़ाई से पूछताछ करने पर धर्मेंद्र चौहान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह लंबे समय से देवलाल सिंह टेकाम से जुड़ा हुआ था और उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानता था। इसी का फायदा उठाकर उसने ठगी की योजना बनाई थी।
पुलिसिया कार्रवाई: राखी थाना पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र चौहान के खिलाफ धारा 319, 204, 308(2) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।

