दुर्ग। दुर्ग जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र में शासकीय भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर होम लोन लेने का प्रयास करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में आवास ऋण के लिए आवेदन किया था। कंपनी की आंतरिक जांच में दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने पर ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस के अनुसार, पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच हुलेश्वरी साहू ने थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर ने लगभग 1800 वर्गफुट शासकीय भूमि का फर्जी पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में होम लोन के लिए आवेदन किया था।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सरपंच एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और ग्राम पंचायत के अभिलेखों की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि संबंधित पट्टा और पंचायत प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी ही नहीं किए गए थे। दस्तावेजों पर लगी मुहर भी पंचायत की वास्तविक मुहर नहीं पाई गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से आरोपी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां प्राप्त कीं। कंपनी ने बताया कि दस्तावेजों की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया था।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी धनेश्वर कुमार निर्मलकर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

