बलौदाबाजार। नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ लगातार दुष्कर्म करने के मामले में बलौदाबाजार की विशेष POCSO अदालत ने आरोपी मुकेश कुमार निषाद को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र की करही चौकी से जुड़ा है। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (POCSO) बलौदाबाजार गिरजेश प्रताप सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक निशा शर्मा ने पैरवी की।
शादी का झांसा देकर महाराष्ट्र ले गया
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग को शादी करने का भरोसा दिलाकर अपने साथ महाराष्ट्र के पुणे ले गया। वहां करीब एक महीने तक उसने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि पुणे ले जाने से पहले आरोपी ने दुर्ग जिले के ग्राम बलोदी स्थित एक नर्सरी में भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था।
गर्भवती होने के बाद सामने आया मामला
पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद उसके माता-पिता की सहमति से जिला अस्पताल बलौदाबाजार में उसका गर्भपात कराया गया। इसके बाद गर्भस्थ शिशु के जैविक पिता की पहचान के लिए DNA जांच कराई गई। राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर में हुई जांच में आरोपी को गर्भस्थ भ्रूण का जैविक पिता पाया गया। यह रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी।
पुलिस की जांच और सबूतों के आधार पर सजा
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाकर न्यायालय के समक्ष पेश किया। अभियोजन ने भी मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को प्रभावी तरीके से अदालत के सामने रखा। इन साक्ष्यों के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

