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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023: चुनाव में किन विधायकों का कटेगा टिकट ? सीएम बघेल बोले – जिन विधायकों के खिलाफ नाराजगी वे तीन-चार महीने में सुधार लें परफॉर्मेंस, नहीं तो… सेलजा बोलीं- भीड़ लेकर आने से नहीं मिलेगी टिकट

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023: चुनाव में किन विधायकों का कटेगा टिकट ? सीएम बघेल बोले – जिन विधायकों के खिलाफ नाराजगी वे तीन-चार महीने में सुधार लें परफॉर्मेंस, नहीं तो… सेलजा बोलीं- भीड़ लेकर आने से नहीं मिलेगी टिकट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनाव में जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनितिक हलचल भी बढ़ते जा रहीं है। अभी चुनाव को चार महीने का वक्त बचा है, लेकिन अभी से ही टिकट मिलने और टिकट कटने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कांग्रेस के संभागीय सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा ने टिकट के दावेदारों को साफ शब्दों में कहा कि विधानसभा चुनाव में हजारों की भीड़ लेकर आने वाले को टिकट नहीं मिलेगी। इससे हम प्रभावित होकर टिकट नहीं देंगे। कई तरह के सर्वे के बाद ही हाईकमान टिकट तय करती है। पार्टी जिसके नाम पर फैसला कर लेती है तो वह सबको मान्य होता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्मेलन में मौजूद पदाधिकारियों से पूछा कि संभाग में 24 सीटें हैं, वे कितनी जीतकर देंगे। इस पर सभी ने 24 के 24 सीट जीतकर देने की बात कही। इसके लिए उन्होंने सभी से हाथ भी उठवाया।

वही सीएम बघेल ने कहा की छत्तीसगढ़ के खराब परफॉर्मेंस वाले कांग्रेस विधायकों को एक और मौका दिया गया है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि जिन विधायकों के खिलाफ नाराजगी है, उनके पास तीन-चार महीने हैं। वे अपना परफॉर्मेंस सुधार लें, फिर टिकट नहीं कटेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टिकट कटने को लेकर मीडिया में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि
“प्रदेश प्रभारी की मंत्रियों के साथ बैठक हुई है, विधायकों के साथ भी उनकी बैठक हुई है। प्रदेश प्रभारी का काम ही है रिपोर्ट लेना। अधिकतर विधायकों की परफॉर्मेंस अच्छी है। अगर परफॉर्मेंस अच्छी होगी तो टिकट क्यों कटेगी? कुछ लोगों के स्वास्थ्यगत विषय हैं, नाराजगी भी हो सकती है। अभी भी चार माह समय है विधायक परफार्मेंस सुधार कर सकते हैं”

वहीं प्रदेश प्रभारी मोहन मरकाम ने कांग्रेस के परफॉर्मेस रिपोर्ट पर कहा कि
“सर्वे के टॉप 3 नामों पर हम विचार करते है, बाकी हमारे साथी उन्हें जीतने में लग जाए। बिलासपुर संभाग के 11 सीटें पिछले चुनाव में हम हारे थे। उन्हें कैसे जीते इस रणनीति के साथ हम आगे बढ़ रहे है। अभिभावक की भूमिका होती है जो भी संगठन और पार्टी हित में है वह निर्णय लेते है। संगठन का मुखिया होने के नाते अपना परफॉर्मेस देना होता है। विधायकों को अपनी उपलब्धियों को बताना होता है और समय समय पर हम यह रिपोर्ट देते रहते है।”


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