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ये सरकारी कर्मी कब सुधरेंगे?…सरप्राइज विजिट में पहुंच गए कमिश्नर, 27 अधिकारी-कर्मचारी एबसेंट, अब कटेगी एक दिन की सैलरी, प्लेसमेंट के 42 कर्मी भी रहें गायब

ये सरकारी कर्मी कब सुधरेंगे?…सरप्राइज विजिट में पहुंच गए कमिश्नर, 27 अधिकारी-कर्मचारी एबसेंट, अब कटेगी एक दिन की सैलरी, प्लेसमेंट के 42 कर्मी भी रहें गायब

भिलाई। नगर पालिक निगम रिसाली आयुक्त आशीष देवांगन अधिकारियों व कर्मचारियों का अटेंडेंस लिया। निर्धारित समय समय सुबह 10 बजे कार्यालय नहीं पहुंचने वाले नियमित 27 अधिकारी व कर्मचारियों को मौके पर ही कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। वहीं प्लेसमेंट के 42 कर्मचारियों का वेतन कटौती के निर्देश दिए।
निगम आयुक्त बुधवार को कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। वे अभियंता कक्ष पहले पहुंचे। इस दौरान कुर्सी खाली होने पर उपस्थिति पंजी लेकर चेक करने लगे। कुर्सी टेबल अधिकारी विहिन होने पर वे लोक निर्माण कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन शाखा, एकाउंट, स्टेनो कार्यालय समेत आजीविका मिशन शाखा पहुंचे। अधिकांश अधिकारी कर्मचारी के गायब होने पर आयुक्त ने नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। आयुक्त ने जवाब संतोषजनक नहीं होने पर वेतन कटौती के निर्देश दिए है।

15 मिनट बाद पहुंचे टंकी कार्यालय
अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति देखने आयुक्त सुबह 10ः15 बजे श्याम नगर स्थित टंकी कार्यालय पहुंचे। उपअभियंता अखिलेश गुप्ता आयुक्त के साथ पहुंचे थे। आयुक्त के निर्देश पर उपअभियंता टंकी कार्यालय स्थित वाहन शाखा, स्टोर, अधिक्षक कार्यालय, जनसंपर्क विभाग समेत राजस्व विभाग में उपस्थिति देखी। मुख्य कार्यालय के सामान स्थिति होने पर आयुक्त ने वेतन कटौती के निर्देश दिए।

लंच समय के बाद गायब तो कटेगा वेतन
इस दौरान आयुक्त ने कार्यालय में मौजूद अधिकारियों से लंच समय के स्थिति के बारे में पूछताक्ष की। उन्होने कहा कि दोनो कार्यालय पहुंचे नागरिकों को लंच समय दोपहर 1ः30 से 2ः00 बजे तक की जानकारी होनी चाहिए। कार्यालय के बाहर लंच समय लिखा पर्ची चस्पा होना चाहिए। आयुक्त ने निर्देश दिए है कि लंच के बाद गायब रहने वाले अधिकारी कर्मचारी का वेतन अगले दिन को अनुपस्थित मानकर काटा जाएगा।

समय का करे पालन
रिसाली निगम के नियमित व प्लेसमेंट अधिकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों का वेतन कटौती उसी दिन किया जाएगा। नियमित कर्मचारियों को कारण बताने नोटिस नहीं दिया जाएगा। सीधे एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।


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