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कुम्हारी की इनसाइड स्टोरी: क्या कहता है क्राइम सीन…पहले पति की हत्या फिर पत्नी और 2 बच्चों को हत्यारे ने उतार दिया मौत के घाट… आलमारी का सामान भी बिखरा मिला, SP ने जांच के लिए बनाई कई टीम, IG मीणा भी पहुंचे

कुम्हारी की इनसाइड स्टोरी: क्या कहता है क्राइम सीन…पहले पति की हत्या फिर पत्नी और 2 बच्चों को हत्यारे ने उतार दिया मौत के घाट… आलमारी का सामान भी बिखरा मिला, SP ने जांच के लिए बनाई कई टीम, IG मीणा भी पहुंचे

भिलाई। कुम्हारी के कपसदा गांव की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। इलाके में सनसनी फैल गई है। आखिर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या किसने की है? यह सबसे बड़ा सवाल है। अब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। लेकिन पुलिस को कुछ सबूत मिले हैं। जिसके आधार पर जांच जारी है। अभी यह कहना मुश्किल होगा कि वारदात को किसी एक ने अंजाम दिया है या फिर एक से अधिक। दुर्ग एसपी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, हर एंगल से जांच जारी है। कई टीम का गठन किया है। जांच के लिए दुर्ग रेंज आईजी बीएन मीणा भी पहुंच गए हैं मौके पर। पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। क्राइम सीन को बारीकी से जांच की जा रही है।

दुर्ग जिले के कपसदा में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या हो गई। कपसदा गांव में किसी ने पति पत्नी और दो बच्चों की निर्मम हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही एसपी दुर्ग डॉ. अभिषेक पल्लव और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि हत्याएं एक ही व्यक्ति ने की है। जिस कुल्हाड़ी से वार किया गया है वह बरामद कर ली गई है।

जानकारी के मुताबिक कुम्हारी थाने से महज 6 किलोमीटर दूर कपसदा गांव में पूनाराम टंडन की बाड़ी है। वहां ओडिशा के बलांगीर से आकर 34 वर्षीय भोलानाथ यादव अपने परिवार सहित रहता था। भोला की पत्नी नैना (30 वर्ष) व उसके 7 और 12 साल के दो बच्चे मुक्ता और प्रमोद भी साथ ही रहते थे। ये परिवार बाड़ी में ही बने मकान में रहता था।

भोला और उसकी पत्नी दोनों यहां खेती-बाड़ी करते थे। गुरुवार सुबह जब कुछ ग्रामीण इस ओर पहुंचे तो भोला का शव मकान के बाहर पड़ा था। अंदर उसकी पत्नी और दोनों बच्चों की लाश थी। सभी के सिर और शरीर पर कुल्हाड़ी से वार के निशान थे।

बुधवार-गुरुवार देर रात को अज्ञात व्यक्तियों ने वहां पहुंचकर कुल्हाड़ी से चारों के सिर में वार किया। इससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब लोगों ने देखा तो पूरे गांव में दहशत फैल गई। खबर लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस की अभी तक की थ्योरी और क्राइम सीन के मुताबिक ऐसा माना जा रहा है कि हत्यारा 11 बजे के आसपास बाड़ी में पहुंचा। जहां भोलानाथ का परिवार रहता है उस मकान और बाड़ी के बीच एक गेट और है। हत्यारे ने आवाज लगाकर भोला को गेट खोलने बुलाया। इसके बाद दोनों में विवाद हुआ और भोलानाथ कुल्हाड़ी देखकर भागने लगा, लेकिन इतनी देर में ही उसके सिर पर वार कर उसे खत्म कर दिया। यह चीख-पुकार सुनकर भोला की पत्नी भी बाहर आई और डर गई तब हत्यारा उसके पीछे भी दौड़ा। उसकी पत्नी घर के अंदर घुस पाती इससे पहले ही उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिए। वह कमरे के दरवाजे में ही गिर गई। इसके बाद हत्यारा अंदर कमरे में गया और छिपने की कोशिश कर रहे दोनों बच्चों को भी मार दिया। लौटते समय उसने कुल्हाड़ी नैना की लाश के पास ही फेंक दी। इसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

भोलानाथ की दो बेटियां त्रिवेणी और करिश्मा हैं, लेकिन वे रात को अपने दादा व चाचा के यहां सोने जाते हैं। बुधवार रात को भी दोनों पास की बाड़ी में रहने वाले अपने चाचा के यहां सोने चले गए। इसलिए दोनों की जान बच गई।

भोलानाथ यादव का परिवार 20 साल से भी अधिक समय से यहां रहकर खेती-बाड़ी का काम देख रहा था। उसके पिता राजभर यादव ने यहां बाड़ी ठेके में लेकर काम शुरू किया था। इस इलाके की दो-तीन बाड़ियों को वह अपने बेटों के साथ देख रहा था। उसका कहना है कि उसका या उसके परिवार का किसी से कोई झगड़ा नहीं है। भोलानाथ का भी कोई ऐसा विवाद नहीं था, कि जिससे उसकी हत्या हो जाती। जिनकी बाड़ी है वो आते हैं हिसाब करके चले जाते हैं। राजभर यादव ने बताया कि वह कल रात में करीब 9.30 बजे खाना देने यहां आया था, तब तक सब ठीक था। सामान्य दिनों जैसे ही भोला और उसका परिवार था। सुबह उसके छोटे बेटे ने भोला उसकी पत्नी को फोन किया। दोनों ने फोन नहीं उठाया तो वह देखने आया। उसे बाड़ी के गेट के पास ही भोला का शव दिखाई दिया।


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