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बदलने वाला है इंजीनियरिंग का दौर: अब कंप्यूटर इंजीनियर्स बनाएंगे इंटेलिजेंट बिल्डिंग, सुरक्षा और सुविधा सबकुछ एआई सेंसर से होगा ऑपरेट… रूंगटा R-1 में इंटरनेशनल कान्फ्रेंस शास्त्रार्थ का आगाज

बदलने वाला है इंजीनियरिंग का दौर: अब कंप्यूटर इंजीनियर्स बनाएंगे इंटेलिजेंट बिल्डिंग, सुरक्षा और सुविधा सबकुछ एआई सेंसर से होगा ऑपरेट… रूंगटा R-1 में इंटरनेशनल कान्फ्रेंस शास्त्रार्थ का आगाज

भिलाई. अभी तक भवन निर्माण में सिविल इंजीनियरिंग की भूमिका सबसे अहम होती थी, लेकिन अब कंप्यूटर साइंस के एक्सपर्ट भी इसमें अपना योगदान देंगे। इसे स्मार्ट इंटेलिजेंट बिल्डिंग कहा जाएगा। इसकी शुरुआत अमरीका में हो चुकी है। यह इंटेलिजेंट बिल्डिंग सेंसर और एआई टेक्नोलॉजी बेस्ड है, जो ह्युडिटी, नॉयज, लाइटनिंग, प्रदूषण, बारिश, सनलाइट, एयर टेम्प्रेचर, सोलर रेडिएशन जैसे फैक्टर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के जरिए खुद-ब-खुद एडजस्ट करेगी।

डिजास्टर की स्थिति से पहले अपडेट देगी। इसमें ग्रीन एनवॉयरामेंट सिस्टम को खास तरजीह दी गई है। भारत के कुछ महानगरों में इसके ट्रायल किए जा रहे हैं।

टेक्नोलॉजी के बदले स्वरूप की ये अहम जानकारी अमरीका कैलेफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. शरद मेहरोतरा ने दी। वे रूंगटा आर-1 इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार से शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘शास्त्रार्थ’ में बतौर वक्ता बोल रहे थे। कॉन्फ्रेंस एआईसीटीई के सहयोग से कराई जा रही है, जिसमें देश-दुनिया के 350 शोधार्थी भाग ले रहे हैं।

सरकार दे रही रिसर्च करने फंड
शास्त्रार्थ के मुख्य अतिथि आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. रामगोपाल राव और एनआईटी सूरत के डायरेक्टर डॉ. अनुपम शुक्ला थे। उन्होंने शोधार्थियों को रिसर्च में बढ़ोतरी के लिए प्रेरित किया। कहा, सरकार रिसर्च के लिए कई तरह की फंडिंग देती है, साथ ही बेहतर संसाधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता रूंगटा ग्रुप चेयरमैन संतोष रूंगटा ने की। उन्होंने कहा कि शास्त्रार्थ शब्द एक ओर जहां हमारी भारतीय संस्कृति के पुरातन गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। वहीं दूसरी ओर हमें ज्ञान के असीम भंडार के खजाने के द्वार खोलता है।

इस संगोष्ठी में फिलीपींस, अल्जीरिया, सुडान, मलेशिया, यूएसए के साथ भारत के ढ़ेरों शोधपत्र और की-नोट एड्रेस प्रस्तुत किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का समापन शनिवार को होगा।

अमरीका और मलेशिया के प्रोफेसर जुटे
रूंगटा आर-1 कैंपस में शास्त्रार्थ का यह सांतवा वर्ष है। इस साल अमरीका की न्यूजर्सी यूनिवर्सिटी से प्रो. विंसेंट ओरिया, मलेशिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी से प्रो. मैन डुजुन ली, गैलगोटिस यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. प्रीति बजाज के साथ वीएनआईटी यूनिवर्सिटी नागपुर से डॉ. ए.एम कुटे शामिल हुए हैं।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर रूंगटा ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. सौरभ रूंगटा, डायरेक्टर सोनल रूंगटा, ज्वाइंट डायरेक्टर एडविन एंथोनी, प्राचार्य डॉ. मोहन अवस्थी, डॉ. नीमा एस बालन, डॉ. डीएन देवांगन, डॉ. राकेश हिमते, डॉ. मनीषा अग्रवाल शामिल रहे।


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