भिलाई। सेल रिफ्रेक्टरी यूनिट (SRU) भिलाई में प्रबंधन के एक फैसले ने मजदूरों के बीच बारूद की तरह काम किया है। 20 प्रतिशत ठेका श्रमिकों की कटौती और नए गेट पास पर रोक के विरोध में ‘सेल रिफ्रेक्टरी वर्कर्स यूनियन’ के बैनर तले सैकड़ों श्रमिकों ने मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि श्रमिकों ने सीधे तौर पर फैक्ट्री बंद करने और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे दी है।
मैनेजमेंट के फैसले से भड़का आक्रोश
25 फरवरी 2026 को हुए इस प्रदर्शन का मुख्य कारण प्रबंधन का वह अचानक लिया गया निर्णय है, जिसमें कार्यरत ठेका श्रमिकों की संख्या में 20% की कमी करने का आदेश जारी किया गया है। श्रमिकों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के लिया गया यह फैसला सीधे तौर पर उनकी रोजी-रोटी पर हमला है।
‘ED मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा परिसर
प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। यूनिट के मुख्य गेट पर एकत्र होकर मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान “ED (Executive Director) मुर्दाबाद” और “हाय-हाय” के नारे गूंजते रहे। श्रमिकों का कहना है कि वे वर्षों से यूनिट के उत्पादन में पसीना बहा रहे हैं और अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
यूनियन की कड़ी चेतावनी: “होगा पुतला दहन और चक्काजाम”
यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने मौके पर श्रमिकों को संबोधित करते हुए प्रबंधन के इस रवैये को ‘अन्यायपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। यदि 20% कटौती का यह काला आदेश वापस नहीं लिया गया और गेट पास बनाने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन फैक्ट्री बंदी में बदल दिया जाएगा।”
आगामी रणनीति:
- 27 फरवरी (शुक्रवार): प्रबंधन को औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- पुतला दहन: मांगें पूरी न होने पर ईडी (ED) का पुतला दहन किया जाएगा।
- फैक्ट्री बंदी: अंतिम चरण में यूनिट को पूरी तरह ठप करने की चेतावनी दी गई है।
उत्पादन पर पड़ सकता है बड़ा असर
गौरतलब है कि सेल रिफ्रेक्टरी यूनिट में बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक उत्पादन और संचालन (Operations) के मुख्य कार्यों को संभालते हैं। यदि यह विवाद लंबा खिंचता है या फैक्ट्री बंद होती है, तो सेल (SAIL) के उत्पादन लक्ष्यों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस उग्र आंदोलन में मुख्य रूप से यूनियन अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता, एसआरयू महासचिव युवराज डहरिया, बीएसपी वर्कर्स यूनियन (ठेका प्रकोष्ठ) के कार्यकारी अध्यक्ष अमित बर्मन, महासचिव धनंजय गिरि सहित सैकड़ों की संख्या में श्रमिक मौजूद थे।

