सीनियर सिटीजंस के लिए वरदान साबित हुआ मेडिशटर एप: अब घर से दूर बैठे-बैठे अपने पैरेंट्स के लिए एक क्लिक पर मंगवा सकेंगे दवा…दवा डिलीवरी के बाद भी कर सकते हैं ऑनलाइन पेमेंट

– कोरोनाकाल में वरदान साबित हुआ था मेडिशटर

– अब अन्य शहरों में रहने वाले बच्चे कर रहे यूज

– दवा डिलीवरी के बाद भी ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं

भिलाई। मेडिकल स्टोर्स से सीधे दवा मंगवाने वाला मोबाइल एप मेडिशटर (MEDISHUTTER) एप कोरोनाकाल में लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन गया। उन लोगों के लिए ये एप ज्यादा फायदेमंद रहा जो अपनों से दूर दूसरे शहरों में रहते हैं। मेडिशटर (MEDISHUTTER) एप ऐसे लोगों के लिए वरदान है जो अपनों से दूर अन्य शहरों में रहते हैं। क्योंकि, इस मेडिशटर (MEDISHUTTER) एप में ऑर्डर करते ही लोगों को बिना देरी किए दवा मिल रही है। जिससे उनकी जान भी बची है। अब यह एप भिलाई के लिए ज्यादा इसलिए कारगर है क्योंकि एक क्लिक पर उन्हें बुजुर्ग माता-पिता के लिए दवा मंगवा पा रहे हैं।

हाल के दिनों में ऐसा देखने को भी मिला है। बंगलुरू, पुणे, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में बैठे-बैठे युवा अपने माता-पिता के लिए दवा मंगवा पा रहे हैं। वो भी ऑर्डर करते ही। इस स्टार्टअप के कर्ताधर्ता हर्षित हैं। कहते हैं कि, ये एप उनके लिए ज्यादा यूसफुल है जो अन्य शहरों में दूर रहते हैं। जिनके माता-पिता या रिश्तेदार दूर शहरों में रहते हैं। जब उन्हें अपने पैरेंट्स के लिए दवा की जरूरत पड़ती है तो पैरेंट्स के पास मेडिकल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होतो। ऐसे में उनके बच्चे उनके लिए मेडिशटर (MEDISHUTTER) एप के माध्यम से जिंदगी आसान बना सकते हैं। दूर बैठे उनके बच्चे एप के माध्यम से अपने पैरेंट्स या रिश्तेदार के लिए दवा मंगवा सकते हैं। अभी तक हजारों लोग इस एप का लाभ ले पा रहे हैं।

कोरोनाकाल में वरदान साबित हुआ “मेडिशटर (MEDISHUTTER)”
कोविड काल में यह एप लोगों के लिए वरदान साबित हुआ। इस एप में डाक्टर के प्रिस्क्रिप्शन को अपलोड कर दवाएं ले सकते हैं। आपके घर में मुफ्त डिलीवरी की जाएगी। डिलीवरी के बाद पेटीएम के थ्रू ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं। अब भी लोग मेडिकल स्टोर्स जाने से डर रहे हैं। ऐसे में यह राहत भरी खबर है।

हर्षित ने बताया कि एप में यह भी जानकारी है कि किन दवा दुकानों में दवाई पर डिस्काउंट भी प्राप्त किया जा सकता है। कई बार यह होता है कि दवा की उपलब्धता किसी एक मेडिकल दुकान में नहीं होती और ग्राहक को तीन-चार दुकानों में भटकना पड़ता है। एप के माध्यम से दवा की उपलब्धता के बारे में तुरंत जानकारी हो जाएगी।

ताम्रकार ने बताया कि महानगरों में भी दवा विक्रेताओं से सीधे संबंध है। इससे कोई भी दवा मंगवाने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। लोगों को पहले मेडिकल स्टोर्स के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब एप पर दवाई का नाम लिखकर डाल देते हैं। थोड़ी देर बाद घर में दवाइयां मिल जाती है। अब तो दवा डिलीवरी होने के बाद पेमेंट कर सकते हैं।

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