भिलाई। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि समाज को सशक्त बनाने के लिए “पंच परिवर्तन” का मार्ग सबसे प्रभावी है। भिलाई के ब्रह्माकुमारीज संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं मंत्री राजवाड़े ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर सरकार का रोडमैप साझा किया।

सहकारिता से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएँ
सहकार भारती छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के “पंच परिवर्तन” के संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि:
“महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता, स्वदेशी सोच और पर्यावरण संरक्षण जैसे मूल्यों के माध्यम से समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा दी जा रही है। महिलाओं को सहकारिता से जोड़कर उन्हें रोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) के अवसर प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

नेतृत्व और कौशल विकास पर चर्चा
सम्मेलन में प्रदेश भर से आईं महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और सहकारिता के माध्यम से उनके नेतृत्व को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, सहकार भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री कनीराम, अशोक दीवान और अखिल भारतीय महिला प्रमुख रेवती ताई शेंदुर्नीकर उपस्थित रहीं।
साथ ही राजयोगिनी मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी, रजनी बघेल सहित सहकार भारती के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और महिला प्रतिनिधि मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में मंत्री राजवाड़े ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

