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MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया…CM भूपेश ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र, बोले-डिपो में करे नियमित सप्लाई, किसान, जनता को नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल

MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी पेट्रोल-डीजल का संकट गहराया…CM भूपेश ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र, बोले-डिपो में करे नियमित सप्लाई, किसान, जनता को नहीं मिल रहा पेट्रोल-डीजल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी पेट्रोल-डीजल का संकट गहरा रहा है। आज सीएम भूपेश बघेल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को पत्र लिखकर नियमित सप्लाई करने के लिए कहा है।

सीएम भूपेश ने लिखा है, किसानों और छत्तीसगढ़ के नागरिकों को पेट्रोल-डीजल की कमी से हो रही समस्या से अवगत कराते हुए छत्तीसगढ़ में स्थित सभी पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो में पेट्रोल-डीजल की नियमित सप्लाई हेतु किया आग्रह।

सीएम ने पत्र में क्या-कुछ लिखा है…
विगत 1-2 महिने से छत्तीसगढ़ राज्य में पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति कम हो गयी है, जिससे कई जिलों के पेट्रोल पम्प ड्राई हो जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसियेशन द्वारा भी अवगत कराया गया है कि मेसर्स हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के छत्तीसगढ़ में 750 रिटेल आउटलेट है जिसमें पेट्रोल, डीजल की सप्लाई नियमित नहीं होने से कई दिन बंद की स्थिति रहती है।

2. पेट्रोलियम कम्पनियों की समीक्षा पर पाया गया कि पूर्व में बफर स्टॉक 4-5 दिन के लिये रहता था जो कि विगत 1-2 माह से बफर स्टॉक केवल 1 दिन के लिये बच रहा है जो कि कई बार खत्म हो जा रहा है और डिपो भी ड्राई हो जाता है।

3. छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है, मानसून के आने से कृषि कार्य प्रगति पर है, किसानों को डीजल नहीं मिल पाने से खेती करने में दिक्कत हो रही है। साथ ही ग्रामीण अंचलों में डीजल नहीं मिल पाने से अति आवश्यक सेवा एम्बुलेंस, परिवहन एवं आम जनता को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

डीजल एवं पेट्रोल नियमित रूप से नहीं मिलने से कृषि कार्य पिछड़ जायेगी, जिससे आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीण अंचलों के रिटेल आउटलेट को एडवांस भुगतान के बाद भी डीजल, पेट्रोल की सप्लाई नहीं की जा रही है।

4. अतः आपसे निवेदन है कि मेसर्स हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लि., मेसर्स भारत पेट्रोलियम एवं मेसर्स इंण्डियन ऑयल कार्पोरेशन लिमि के छत्तीसगढ़ में स्थित डिपो में नियमित सप्लाई कराने का कष्ट करें। ताकि कृषकों एवं आम जनता को कठिनाईयों का समाना न करना पड़े। इस समस्या का सहृदयतापूर्वक विचार कर उचित समाधान करेगें।


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