Rajkot TRP Mall Game Zone Fire Tragedy: वीकेंड में 500 की जगह 99 रूपए था टिकट! एक चिंगारी से भड़की आग, 12 बच्चों समेत 28 की मौत… DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, दिल को झकझोर देने वाली घटना के पीछे की वजह क्या…?

राजकोट। गुजरात के राजकोट में हादसे के बाद देश स्तब्ध है। शनिवार शाम 4.30 बजे टीआरपी गेम जोन में आग लगने से 28 लोगों की दुःखद मौत हो गई। इस हादसे में पहले 30 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। मगर बाद में SP क्राइम ने 12 बच्चे समेत 28 लोगों की मौत की पुष्टि की। मिली जानकारी के अनुसार, फायर ब्रिगेड की 8 टीमें करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाईं। 25 से ज्यादा लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, गेम जोन से अंदर-बाहर जाने का एक ही रास्ता था। वहीं फायर डिपार्टमेंट से NOC भी नहीं ली गई थी।

दैनिक भास्कर में छपी एक खबर के अनुसार; चश्मदीद ने बताया कि, कालावड रोड स्थित इस गेम जोन में वीकेंड की वजह से 500 रुपए का टिकट 99 रुपए में दिया जा रहा था, इसलिए भीड़ ज्यादा थी। टीआरपी गेम जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी, पार्टनर प्रकाश जैन, राहुल राठौड़ और मैनेजर नितिन जैन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद चारों ने फोन बंद कर लिया था।

कैसी लगी आग?
किराए की 2 एकड़ जमीन पर तीन मंजिला गेम जोन 2020 में बनाया गया था। इसका स्ट्रक्चर लकड़ी और टीन शेड पर खड़ा था। कई जगह रिपेयरिंग और रेनोवेशन का काम भी चल रहा था। एक जगह सीढ़ी पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिनगारी से ब्लास्ट हुआ और आसपास आग लग गई।

इसलिए फैली आग?
गेम जोन का डोम कपड़े और फाइबर से बना था। स्ट्रक्चर लकड़ी, टीन और थर्मोकोल शीट से बनाया गया था। फर्श पर भी रबर, रेग्जीन और थर्मोकोल लगा था। इसके अलावा गेज जोन में 2 हजार लीटर डीजल और 1500 लीटर पेट्रोल भी स्टोर किया गया था। इसलिए आग कुछ मिनटों में ही तेजी से फैल गई। चश्मदीद के अनुसार​​​​, आग नीचे से ऊपर तक कुछ ही मिनटों में फैल गई थी। तीन मंजिला स्ट्रक्चर में नीचे से ऊपर जाने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। दूसरी और तीसरी मंजिल के लोगों को भागने का मौका नहीं मिला।

DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान
इस हादसे में कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा, शव इतनी बुरी तरह जल चुके है हैं कि उनका पहचान करना काफी मुश्किल है। सभी डीएनए टेस्ट कराना होगा। राजकोट के सभी गेम जोन बंद कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव के अनुसार, टीआरपी गेम जोन के पास फायर एनओसी तक नहीं थी। सरकार ने जांच के लिए SIT बनाई है।

हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
इस भीषण अग्निकांड मामले में गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बीरेन वैष्णव और देवेन देसाई ने राज्य के 4 बड़े शहरों अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत के सभी गेम जोन की डिटेल मांगी है। कोर्ट ने चारों महानगरों की महानगरपालिकाओं को 24 घंटे में इसकी जानकारी देने को कहा है।

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