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ये खबर पैरेंट्स के लिए: खेलते-खेलते 7 साल की बच्ची ने निगल लिया 5 रुपए का सिक्का: एक्सरे करने पर पता चला पेट में पड़ा है सिक्का, डॉक्टरों ने ऐसे निकाला सिक्का

ये खबर पैरेंट्स के लिए: खेलते-खेलते 7 साल की बच्ची ने निगल लिया 5 रुपए का सिक्का: एक्सरे करने पर पता चला पेट में पड़ा है सिक्का, डॉक्टरों ने ऐसे निकाला सिक्का

दुर्ग। एस.आर. हॉस्पीटल एण्ड रिसर्च सेन्टर चिखली दुर्ग के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम की तत्परता से 7 साल की बच्ची की जान बचाई गई | रामपुर बेरला जिला बेमेतरा निवासी कृतिका यादव ने 5 रु. का सिक्का खेलते खेलते निगल लिया था।

कृतिका के पिता जितेन्द्र यादव ने बताया कि बच्ची ने जब सिक्का निगल लिया तो तत्काल गाँव के डॉक्टर के पास इलाज के लिए गए। गांव के डॉक्टर ने बताया कि एस.आर. हॉस्पीटल चिखली दुर्ग में तत्काल एवं बेहतर एवं कम दरो में इलाज होता है । कृतिका का X-Ray कराने पर पाया गया कि शरीर के भीतर ₹ 5 का सिक्का है ।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल मरीज का इलाज चालू कर सिक्के को बाहर निकाला । कृतिका के माता पिता एवं परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की भूरी भूरी प्रशंसा की एवं कहां की सही समय पर सही अस्पताल पहुंचने पर हमारी बच्ची की जान बच गई ।

अस्पताल के बाल व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एस. पी. केसरवानी ने बताया कि सही समय पर बेहतर सुविधाजनक अस्पताल पहुंचने पर कृतिका का ₹5 का सिक्का शरीर से बाहर निकाल दिया गया । डॉ. एस.पी. केसरवानी ने समस्त बच्चों के परिजनों से विनम्रता पूर्वक अनुरोध किया है कि बच्चों को सतत निगरानी में रखें एवं बच्चों को समझाइश देवें की मुंह में किसी भी चीज को ना डालें ।

बच्चों को किसी भी प्रकार दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर से सम्पर्क करे किसी भी प्रकार की लापरवाही ना करें लापरवाही करना छोटे बच्चों के लिए जान का खतरा भी बन सकता है।

अस्पताल के चेयरमैन संजय तिवारी ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर इलाज प्रदान करना है । यह भी बताया कि ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध है । अस्पताल की टीम 24 घंटे सेवाएं प्रदान करने के लिए तत्पर रहती है ।

कृतिका का इलाज करने में डॉ. एस. पी. केसरवानी डॉ. पवन देशमुख डॉ. अंकिता डॉ सुशांत कान्डे ,डॉ. अश्वनी शुक्ला, डॉ. रजत डेहरिया, डॉ.सौम्या तिवारी, नर्सिंग स्टाफ हरी साहू प्रतिमा केरकट्टा, किशोर, श्रीमती विद्या गायकवाड, वंशिका, पायल खरे व अन्य देवदूतो ने अपनी सेवाएं प्रदान की


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