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भागवाताचार्य यामिनी साहू को धमकी देने वालों पर केस दर्ज: 5 अलग-अलग मोबाइल यूजर पर FIR…धमकी देने वालों ने कहा था-भागवत छोड़, मुजरा करो

भागवाताचार्य यामिनी साहू को धमकी देने वालों पर केस दर्ज: 5 अलग-अलग मोबाइल यूजर पर FIR…धमकी देने वालों ने कहा था-भागवत छोड़, मुजरा करो

महासमुंद। महिला भागवताचार्य यामिनी साहू को फोन पर मिली धमकी के मामले में बागबाहरा पुलिस ने 5 अलग-अलग मोबाइल नंबर के धारकों के खिलाफ रविवार रात मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मोबाइल नंबर 9179074975, 9713991903, 6264603185, 8077030665, 8192980224 के धारकों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

एएसपी मेघा टेंभुरकर ने बताया कि जिस मोबाइल नंबर से महिला भागवताचार्य को फोन आया था, उसके धारकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल की टीम इस पर काम कर रही है। जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा।

बागबाहरा निवासी यामिनी साहू के दो मोबाइल नंबर पर 15 मार्च को अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर धमकी दी थी। साथ ही अपशब्द भी कहे थे। यामिनी को भागवत कथा का वाचन करने से मना किया गया और ऐसा न करने पर देख लेने की धमकी भी दी गई थी। यामिनी ने इसे लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह पिछले 10 सालों से जन जागृति समाजहित के उद्देश्य को लेकर श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रही हैं। 20 से 27 मार्च तक खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम सिरगिढ़ी में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करना था।

इसे लेकर 15 मार्च को अज्ञात व्यक्तियों ने फोन पर धमकी और चेतावनी दी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यामिनी को सुरक्षा भी प्रदान किया था। भागवत ज्ञान सप्ताह के दौरान यामिनी ने पुलिस सुरक्षा के बीच ही सिरगिढ़ी में कथा का वाचन किया।

यामिनी की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी…
छत्तीसगढ़ की श्रीमद् भागवत कथा वाचक और महिला साहू समाज की प्रदेश अध्यक्ष यामिनी साहू को फोन पर धमकी दी जा रही थी। कॉल करने वालों ने उन्हें भागवत कथा नहीं करने की चेतावनी दी थी। कहा है कि एक गैर ब्राह्मण को व्यास मंच पर बैठकर कथा कहने का अधिकार नहीं है। जाकर मुजरा करो। यामिनी साहू ने मामले की शिकायत SP और गृहमंत्री से की। इसके बाद उन्हें पुलिस की ओर से सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई।

महासमुंद के बागबहरा की रहने वाली यामिनी साहू पेशे से शिक्षिका हैं। वे पिछले करीब 10 सालों से भागवत कथा कह रही हैं। SP महासमुंद को दी शिकायत में उन्होंने बताया है कि वह 20 से 27 मार्च तक सिरगिड़ी गांव में कथा वाचन कर रही हैं।

इसको लेकर कुछ लोग उन्हें 15 मार्च से ही अलग-अलग नंबरों से कॉल कर धमकी दे रहे हैं। आरोप लगाया है कि गैर ब्राह्मण होने के चलते परशुराम सेना की ओर से उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।

यामिनी ने धमकी भरे कॉल आने की शिकायत के साथ उसकी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी थी। उन्होंने पुलिस को बताया है कि कॉल करने वाले लोग धमकी दे रहे थे कि वे एक महिला और शूद्र हैं। उन्हें भागवत कराने का अधिकार नहीं है। यामिनी ने प्रतिरोध किया तो कॉल करने वाले ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की। कहा कि तुम लोग केले के छिलके जैसे हो। अगर फिर भी नहीं माने तो आकर मंच से उतारेंगे। लोग तुम्हारे ऊपर थूकेंगे।

यामिनी ने कहा है कि उनकी बातों से मानसिक पीड़ा हुई है। मेरी जाति का भी अपमान किया है। कॉल करने वाले खुद को वाराणसी और रायपुर में परशुराम सेना से जुड़ा बता रहे हैं। बताया कि इसके बाद से सोशल मीडिया पर भी उनका बहिष्कार शुरू हो गया है।

उनके ऊपर अभद्र टिप्पणी की जा रही है। इसके चलते वह काफी डर गई हैं। उन्होंने कहा कि वे ब्राह्मण समाज के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ लोग उनका नाम लेकर धमकी दे रहे हैं।


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