अंबिकापुर। सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र की एक शिक्षिका को अश्लील वीडियो देखने के नाम पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर 4 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सरगुजा पुलिस ने मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित शिक्षिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 मार्च 2026 को स्कूल से घर लौटने के बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि वह इंटरनेट पर अश्लील फोटो और वीडियो देखती हैं, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के डर से शिक्षिका घबरा गईं। इसी का फायदा उठाते हुए आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे कई बार ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाई। आरोपियों ने फोन-पे और बैंक खातों के जरिए कुल 4 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली।

तकनीकी जांच से खुला मामला
शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर पोर्टल, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई थी। बाद में इस रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर एटीएम के माध्यम से निकाला गया। जांच के आधार पर पुलिस टीम मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले पहुंची और मामले में शामिल तीन खाताधारकों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में टीकमगढ़ निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- काशीराम अहिरवार (34 वर्ष)
- पन्नालाल यादव (40 वर्ष)
- अभिलाषा अहिरवार (20 वर्ष)
पुलिस के मुताबिक आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अपने बैंक खातों में प्राप्त कर आगे ट्रांसफर करने और नकदी निकालने का काम करते थे।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस की अपील
सरगुजा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस, सीबीआई, क्राइम ब्रांच अथवा किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

