CG में बड़ी हड़ताल की तैयारी: प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी 25 जुलाई से नहीं करेंगे काम… 9 दिन सरकारी दफ्तरों में कामकाज रहेगा ठप्प… स्कूलों में भी लटके रहेंगे ताले, पढ़िए सरकारी कर्मियों के हड़ताल की वजह

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने हड़ताल का ऐलान किया है। केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता के साथ ही स्थानांतरण के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन के विरोध में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन हड़ताल करेगा।

25 से 29 जुलाई तक घोषित हड़ताल में प्रदेश के शिक्षक भी सहभागिता निभा रहे है, जिसके चलते स्कूलों में भी ताले लटकेंगे। 23 औऱ 24 जुलाई को शनिवार का अवकाश जिसके बाद 30 व 31 जुलाई को फिर से शनिवार व रविवार का अवकाश पड़ने के कारण लगातार 9 दिनों तक शासकीय कार्य प्रभावित होंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में आम आदमी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कल हुई कैबिनेट की बैठक में विधायकों के वेतन भत्ते तो बढ़ाये गए पर कर्मचारियों अधिकारियों के वेतन भत्ते नही बढ़ाये गए हैं। जिससे आक्रोशित होकर केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा भत्ता की मांग को लेकर प्रदेश के सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।

इस सम्बंध में शालेय शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का कहना है कि प्रदेश में तीन किस्म का भत्ता मिल रहा है, जिसमे सीएसईबी कर्मचारियों को 34 प्रतिशत आईएएस व आईपीएस को 32 प्रतिशत व बाकी कर्मचारी व अधिकारियों को 22 प्रतिशत है जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इससे प्रदेश के कर्मचारी 6 से 15 हजार रुपये हर माह नुकसान झेल रहे हैं। जबकि मंत्री व विधायको का वेतन तीन साल में दो बार बढ़ गया है।

वहीं छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रवक्ता विजय झा ने बताया कि इसे लेकर रायपुर में एक बैठक रखी गई थी। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है। महंगाई भत्ता और भाड़ा भत्ता को लेकर यह आंदोलन पूरे प्रदेश में किया जाएगा। बड़ी तादाद में रायपुर में भी कर्मचारी जुटेंगे और अपनी आवाज बुलंद करते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगे, रैलियां निकाली जाएंगी।

छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि मौजूदा दौर में महंगाई भत्ता और भाड़ा भत्ता लागू कर दिया जाए तो हर कर्मचारी को 5000 से 15 हजार अधिक मिलेंगे।

इस तरह से देखा जाए तो हर महीने सरकारी दफ्तर में काम करने वाले हर कर्मचारी का 5000 से 15 हजार रुपए महीने का नुकसान हो रहा है। प्रदेश के अलग-अलग विभागों में लगभग 5 लाख कर्मचारी काम करते हैं इस आंदोलन में सभी कर्मचारी संगठन एक साथ काम कर रहे हैं।

25 जुलाई से 29 जुलाई तक चलने वाले काम बंद कलम बंद आंदोलन में कोई सरकारी काम नहीं होगा, प्रवक्ता विजय झा का दावा है कि छत्तीसगढ़ के स्कूलों में काम करने वाले टीचर भी स्कूल नहीं जाएंगे, ऐसे में स्कूलों को बंद रखने की नौबत भी सामने आ रही है। हालांकि स्कूल बंद रहेंगे या नहीं इसे लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किया गया है, मगर टीचरों ने कह दिया है वो स्कूल नहीं जाने वाले।

कर्मचारी नेताओं ने रायपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की। इस दौरान शासन से मांग की गई है कि केंद्र की तरह महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाए, सातवें वेतनमान के अनुरूप भाड़ा भत्ता स्वीकृत किया जाए । इस आंदोलन में लगभग 75 कर्मचारी संगठन एक साथ आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

सर्व शिक्षक संघ ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। कुछ कर्मचारी- अधिकारी संगठन का मानना है कि 5 दिवसीय हड़ताल की अपेक्षा जब तक मांगे पूरी नही हो जाती तब तक अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाए। बहरहाल अभी 9 दिनों तक शासकीय कार्यालयों में काम प्रभावित रहेगा।

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