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इस्पात मंत्री से 24 को मिलेंगे बीएसपी वर्कर्स युनियन प्रतिनिधि : लंबित मांगों को पूरा करवाने रखेंगे पक्ष, उज्ज्वल दत्ता बोले-पे स्केल, एचआरए व रात्रि भत्ता पर छला रहे कर्मी…

इस्पात मंत्री से 24 को मिलेंगे बीएसपी वर्कर्स युनियन प्रतिनिधि : लंबित मांगों को पूरा करवाने रखेंगे पक्ष, उज्ज्वल दत्ता बोले-पे स्केल, एचआरए व रात्रि भत्ता पर छला रहे कर्मी…

भिलाई। सेल में वेज रिवीजन में पक्षपात और सिर्फ आधे अधुरे MoU होने के लगभग 6 महीनों बाद भी अंतिम वेतन समझौता न होने से सेल मैनेजमेंट और NJCS युनियनों के खिलाफ बीएसपी वर्कर्स सहित सभी सेल वर्कर्स में आक्रोश है। इसके लिए आगामी 24 मार्च को दिल्ली में इस्पात मंत्री आरसीपी सिंग से सेल के सभी इकाईयों की अधिकांश नाॅन एनजेसीएस युनियनों के प्रतिनिधि मिलेंगे। इस मीटिंग में नाॅन एनजेसीएस युनियन प्रतिनिधियों का साथ सांसद डोला सेन देंगी।

भिलाई से बीएसपी वर्कर्स युनियन (बीडब्ल्यूयु) नाॅन एनजेसीएस युनियनों का प्रतिनिधित्व करेगी।बीएसपी वर्कर्स युनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता ने कहा कि पहले अधिकारियों के 15% एमजीबी और 35% वैरियेबल पर्क्स की तुलना में बीएसपी कर्मियों को सिर्फ 13% एमजीबी और 26.5% वैरियेबल पर्क्स देकर उन्हें धोखा दिया और अब बीएसपी कर्मियों के 63 महीनों से लंबित मुद्दों जैसे पे-स्केल, एचआरए, रात्रि भत्ता आदि के अलावा 1 जनवरी 2017 से संपूर्ण एरियर के लिए भी ताल मटोल कर उन्हें छला जा रहा है। जिसके कारण सभी बीएसपी कर्मियों को 5000 से 20000 रुपये का मासिक नुकसान हो रहा है।

ग्रेच्युटी सीलिंग के वजह से वरिष्ठ कर्मियों को रिटायरमेंट के समय 10 लाख रुपयों से 20 लाख रुपयों का नुकसान होगा तथा नए कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट पश्चात 50 लाख रुपयों से ज्यादा का अनुमानित नुकसान तय है। इस नुकसान को खत्म करने के लिए 22 अक्टूबर को हुए अनैतिक MoU को रद्द करने एवं शीघ्र ही लगातार 3-4 दिनों तक मैराथन फुल एनजेसीएस मीटिंग कर सभी लंबित मुद्दों का समुचित समाधान करवाने की बात इस्पात मंत्री के समक्ष रखी जाएगी।

आगे बीएसपी वर्कर्स युनियन अध्यक्ष ने कहा कि आज सेल अभूतपूर्व लाभ में है। इस वित्तीय वर्ष के सिर्फ 9 महीनों में ही सेल 9597 करोड़ रुपयों का कर पश्चात लाभ कमाया है, इसके साथ-साथ 16222 करोड़ रुपयों का कर्जा भी कम किया। सेल ने सरकार को एडवांस में 1557 करोड़ रुपयों का लाभांश दिया है। भीषण कोरोना काल में सेल को इतनी अच्छी वित्तीय लाभ की परिस्थितियों में लाने वाले सेल कर्मियों की जायज मांगों से इस्पात मंत्री को अवगत कराया जाएगा।

बीएसपी वर्कर्स युनियन पदाधिकारियों ने 24 मार्च को इस्पात मंत्री के साथ होने वाली मीटिंग में 22 अक्टूबर को हुए अनैतिक MoU को रद्द करवाने एवं मीटिंग में निम्नलिखित सुझावों और मुद्दों को रखने की बात कही:-
1. 13% एमजीबी और 26 .5% वैरियेबल पर्क्स की जगह बीएसपी सहित सभी सेल कर्मियों को अधिकारियों की तरह ही 15% एमजीबी और 35% वैरियेबल पर्क्स का लाभ दिया जाना चाहिए।
2. सभी कर्मियों के पे स्केल को ओपन इंडेड किया जाये या फिर पे-स्केल को बढ़ाकर इतना कर दिया जाए कि सभी कर्मियों को वेतन तथा प्रोमोशनल इंक्रीमेंट के पुरे 3% का वास्तविक लाभ मिलें।

3. सभी कर्मियों को 39 महीनों का बकाया एरियर मिलें।
4. सब ब्लाक ईयर 2021-23 का एलटीए- एलटीसी वापस लेने के एवज में सभी कर्मियों को 1 अप्रैल 2021 से वैरियेबल पर्क्स का भी एरियर दिया जाए।

5. ग्रेच्युटी सीलिंग को स्वैच्छिक रखा जाए, जिससे वरिष्ठ कर्मियों को रिटायरमेंट के समय लाखों रुपयों की क्षति ना हो। जो कर्मी अपना ग्रेच्युटी सीलिंग रखना चाहते है उन्हें बीते वित्तीय वर्षो का ब्याज सहित 9% अंशदान सेल पेंशन काॅरपस में दिया जाए।
6. सभी बीएसपी कर्मियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और कार्यानुभव के आधार पर सम्मान जनक पदनाम दिया जाए। डिप्लोमा इंजिनीयर्स को बाकि पीएसयु की तरह जुनियर इंजिनीयर पदनाम दिया जाए।

7. सभी कर्मियों का अधिकारियों की तरह ही एचआरए और छुट्टियों को बढ़ाया जाए।
8. रात्रि पाली भत्ता को कम से कम 300 रुपये बढ़ाने के साथ साथ ड्रेस भत्ता तथा मोबाइल भत्ता भी दिया जाना चाहिए।
9. आफिसरों की तरह ही कर्मियों को भी फर्निचर, लैपटॉप और मोबाइल एडवांस दिया जाना चाहिए।
10. आवास, बिजली, पानी, कैंटिन, बच्चों की शिक्षा आदि पर मिलने वाली सब्सिडी जारी रहनी चाहिए तथा सब्सिडी कटौती संबंधित आदेश वापस लेना चाहिए।

11. कम ब्याज दर पर आवास लोन, बच्चो की शिक्षा हेतु लोन तथा वाहन लोन की शुरुआत होनी चाहिए।
12. दशकों पुरानी इंसेंटिव पाॅलिसी में सुधार हो और डेली रिवार्ड स्कीम की भी शुरुआत होनी चाहिए।
13. डिग्रेडेशन की मार झेल रहे कर्मियों को क्रमशः S3 और S6 से लिया जाए।
14. प्रोमोशन पाॅलिसी में सुधार कर सभी बीएसपी कर्मियों के लिए फास्टट्रैक प्रोमोशन पाॅलिसी बनाई जाए।
15. S12 और S13 का सृजन किया जाए या फिर अधिकारियों की तरह ही कर्मचारियों को भी 3 स्टैजनैंट इंक्रीमेंट दिए जाने की शुरुआत होनी चाहिए।


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