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नोट पीटना कोई इसे कहते हैं: मंत्री के करीबी के यहां ED की रेड…2000 से लेकर 500 के नोटों का बंडल ही बंडल, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में घोटाले के बाद रेड, तस्वीरों में देखिए ED की ये रेड

नोट पीटना कोई इसे कहते हैं: मंत्री के करीबी के यहां ED की रेड…2000 से लेकर 500 के नोटों का बंडल ही बंडल, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में घोटाले के बाद रेड, तस्वीरों में देखिए ED की ये रेड

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर पश्चिम बंगाल में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

इस रेड के तहत राज्य के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास सहित राज्य में कम से कम 13 स्थानों पर तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के आवासीय परिसर से करीब 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की। खबरों के मुताबिक यह रकम 2000 और 500 के नोटों के बंडलों में मौजूद थी।

संदेह जताया जा रहा है कि यह राशि पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (WBPEB) में भर्ती घोटाले से प्राप्त होने वाली राशि है। ईडी ने कथित तौर पर अर्पिता मुखर्जी के पास से कई महंगे फोन भी बरामद किए हैं।

अर्पिता मुखर्जी कौन हैं और तृणमूल कांग्रेस से उनका संबंध?
ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी का करीबी बताया है. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अर्पिता मुखर्जी दक्षिण कोलकाता की एक प्रसिद्ध दुर्गा पूजा से जुड़ी थीं, जिसका संबंध पार्थ चटर्जी से भी है। माना जाता है कि अर्पिता मुखर्जी को उस दुर्गा पूजा समिति के विज्ञापनों में दिखाया गया था।

2019 की दुर्गा पूजा की एक तस्वीर जिसमें ममता बनर्जी, मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को एक साथ देखा जा सकता है
ऐसा माना जाता है कि अर्पिता मुखर्जी ने कुछ बंगाली, ओडिया और तमिल फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने बंगाली सुपरस्टार प्रोसेनजीत चटर्जी (2009 की फिल्म ‘मामा भगने’) और जीत (2008 की फिल्म ‘पार्टनर’) के साथ बंगाली फिल्मों में अभिनय किया।

माना जाता है कि अर्पिता मुखर्जी दुर्गा पूजा कमेटी के जरिए मंत्री पार्थ चटर्जी से जुड़ी हैं। वह 2019,2020 में नकटला उदयन संघ नामक पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा समिति के प्रचार अभियानों का चेहरा थीं।

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