दिल्ली में होगा शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल कपिलदेव पांडेय का अंतिम संस्कार: पत्नी भी लेफ्टिनेंट कर्नल, दो बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया

भिलाई। शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल कपिलदेव पांडेय की शहादत की खबर से भिलाई-दुर्ग समेत छत्तीसगढ़ में शोक है। आज भिलाई नेहरू नगर स्थित उनके निवास में मां और बहन को ढांढस बंधाने के लिए रिश्तेदार, दोस्त पहुंच रहे हैं। सब शहीद कपिलदेव पांडेय को याद कर रहे हैं। थोड़ी देर पहले ही फैसला लिया गया कि शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल कपिलदेव पांडेय का अंतिम संस्कार दिल्ली में किया जाएगा। नई दिल्ली के बरार स्क्वॉयर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आपको बता दें कि, तीन दिनों से लेफ्टिनेंट कर्नल कपिलदेव पांडेय लापता थे। रविवार को ही उनका शव मिला। वो इंफाल में हुए लैंडस्लाइड चपेट में आ गए थे। भिलाई के नेहरू नगर के रहने वाले कपिलदेव पांडेय की मौत की पुष्टि उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल छवि पांडेय ने की। शव की पहचान भी उन्हीं ने की। उनके शव को इंफाल बेस कैंप लाया जा रहा है। उनकी मौत से उनके दो बेटों अभिराज (8) और अवीर (3) के सिर से पता का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कपिलदेव पांडेय भिलाई प्रेस क्लब की अध्यक्ष भावना पांडेय के भाई थे। परिजनों के मुताबिक घटना बुधवार रात करीब साढ़े 12.30 बजे की है। मणिपुर के इंफाल में निर्माणाधीन जिरिबम रेलवे लाइन और रेलवे स्टेशन के पास आर्मी का बेस कैंप था। उस बेस कैंप में लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय भी थे। जिस समय हादसा हुआ कपिलदेव अपनी मां कुसुम और बहन भावना पांडेय से वीडियो कॉल पर बात कर रहे थे। मां ने उनसे पूछा भी कि कपिल तीन साल से भिलाई नहीं आए कब आ रहे हो। इस पर उन्होंने जल्द आने की बात भी कही थी।

इसी दौरान अचानक तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी। इसके बाद कपिल ने मां से कहा कि लगता है कैंप के पीछे कुछ हुआ है। वहां जाना पड़ेगा। यह कहते हुए उन्होंने काल डिसकनेक्ट कर दिया। उसके बाद से लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव का मोबाइल बंद आ रहा था।

बताया जा रहा है कि वह लैंडस्लाइड की चपेट में आ गए। तीन दिनों की खोजबीन के बाद उनका पार्थिव शरीर मणिपुर से सेना ने खोजा। सूचना मिलते ही दिल्ली में पदस्थ उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल छवि पांडेय वहां पहुंची और शव की पहचान कपिलदेव पांडेय के रूप में की।

मिली जानकारी के अनुसार घटना बुधवार रात करीब साढ़े 12.30 बजे मणिपुर के इंफाल में निर्माणाधीन जिरिबम रेलवे लाइन और रेलवे स्टेशन की है। उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय वीडियो काॅल में अपनी मां कुसुम और बहन भावना पांडेय से बात कर रहे थे। कपिल तीन साल से भिलाई नहीं आए हैं।

लिहाजा मां ने जिज्ञासावश बेटे से पूछा कि वह भिलाई कब आ रहा है? उसी समय कपिल को गड़गड़ाहट सुनाई दी। जिसके बाद उन्होंने मां से कहा कि लगता है कैंप स्थल के पीछे कुछ हो रहा है, जाना पड़ेगा। यह कहते हुए काल डिसकनेक्ट कर दिया। उसके बाद से लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव का मोबाइल बंद था।

जून महीने में ही मेजर से लेफ्टिनेंट कर्नल बने कपिल देव
अक्टूबर 2019 में अंतिम बार आए थे भिलाई, इसके बाद से नहीं लौटे थे। लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव अंतिम बार अक्टूबर 2019 में भिलाई आए थे। उस समय उनकी माता की तबियत ठीक नहीं थी। उसके बाद से वे भिलाई नहीं आए हैं।

लंबा समय होने की वजह से परिवार के सदस्यों के साथ दोस्त भी उसका भिलाई आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जून में उनका मेजर पद से लेफ्टिनेंट पद पर प्रमोशन हुआ है और अब ट्रांसफर का समय भी आ चुका था।

घटनास्थल मणिपुर का सबसे संवेदनशील एरिया माना जा रहा
मणिपुर के नोने जिला अंतर्गत जिरिबम रेलवे लाइन और स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। बोडो उग्रवादियों की वजह से यह प्रदेश का सबसे रिमोट और संवेदनशील एरिया में है।

इसलिए निर्माण कार्य में लगे लोगों की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी की कंपनी 107 को तैनात किया गया था। लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव टीम के कमांडर हैं और बीते तीन वर्षों से वहां पदस्थ थे।

नदी का तट धसकने के बाद हुई लैंडस्लाइड, इसके बाद से थे लापता
सेना का कैंप नदीं से थोड़ी दूर स्थित है और चारों ओर पहाड़ है। बताया गया कि पहले नदी का तट धसका और उसके बाद पहाड़ी भी धसकने लगी। देखते ही देखते नदी पहाड़ के मलबे से ढक गई। करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में चारों तरफ मलबा फैला हुआ है। साथ ही घटना के बाद से लगातार बारिश भी सेना के बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न कर रही थी।

CM भूपेश ने जताया दुख, दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मणिपुर लैंडस्लाइड में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल श्री कपिल देव पांडेय को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। भिलाई नेहरू नगर (पूर्व) निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय मणिपुर के नोनी जिले की रेल परियोजना की सुरक्षा में तैनात गोरखा राइफल्स की कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे।

इस दौरान भू-स्खलन होने से वे शहीद हो गए। मुख्यमंत्री ने शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ईश्वर से उनके परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय के परिवार में उनकी माता कुसुम पांडेय (माता), उनकी धर्मपत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. छवि पांडेय, बहन सुश्री भावना पांडेय और कंचन अग्रवाल तथा दो बेटे हैं। सुश्री भावना पाण्डेय नवभारत ग्रुप के दैनिक सेंट्रल क्रानिकल की भिलाई प्रभारी और न्यू प्रेस क्लब भिलाई की अध्यक्ष हैं।

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