गोवा में G20 IFAWG की बैठक: लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा में सहयोग को लेकर चर्चा… पहले दिन कुल 3 सत्रों का आयोजन… G20 सदस्यों समेत अन्य आमंत्रित देशों के करीब 100 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया

पणजी। भारत की G20 अध्यक्षता के तहत तीसरी G20 इंटरनेशनल फाइनेंशियल आर्किटेक्चर वर्किंग ग्रुप (IFAWG) की बैठक 6 जून से गोवा में शुरू हुई। बैठक के दौरान विचार-विमर्श का संचालन वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ-साथ फ्रांस और कोरिया गणराज्य द्वारा किया गया जो IFAWG के सह-अध्यक्ष हैं। इस दो दिवसीय बैठक में G20 सदस्यों, आमंत्रित देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की शुरुआत वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेट को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का एसडीआर आवंटन और वैश्विक ऋण संवेदनशीलताओं का प्रबंधन करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। पहले दिन कुल 3 सत्रों का आयोजन किया गया।

बैठक में अधिक स्थिर और लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा में सहयोगात्मक प्रयास करने को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक के पहले दिन ग्रीन कैपिटल फ्लो और इमर्जिंग पर गहन चर्चा की सुविधा के लिए “टवॉर्ड्स ऑर्डरली ग्रीन ट्रांजिशन-इन्वेस्टमेंट रिक्वायरमेंट्स एंड मैनेजिंग रिस्क टू कैपिटल फ्लो” पर एक उच्च-स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

दो दिवसीय बैठक में वैश्विक वित्तीय सुरक्षा नेट को मजबूत करना, वैश्विक ऋण कमजोरियों को दूर करना, 21वीं सदी की साझा वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) को मजबूत करना और स्थायी पूंजी प्रवाह के माध्यम से वित्तीय लचीलापन को मजबूत करना, सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्राओं के मैक्रो-वित्तीय निहितार्थों का आकलन करना जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

इस सेमिनार में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थानों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस बैठक के क्रम में पूरे गोवा में कई ‘जन-भागीदारी’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें वित्तीय साक्षरता शिविर और जागरूकता अभियान, सिक्का मेला, वॉकथॉन, स्वच्छता अभियान और एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता शामिल हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य भारत की G20 अध्यक्षता पद पद और इसकी थीम “वसुधैव कुटुंबकम” या “एक पृथ्वी – एक परिवार – एक भविष्य” के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

तीसरी IFAWG बैठक G20 के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना के सुधारों को आगे बढ़ाने और 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे पहले IFAWG की “पहली बैठक 30-31 जनवरी, 2023 को चंडीगढ़ में हुई जबकि दूसरी बैठक पेरिस में 30 और 31 मार्च को हुई थी। इन बैठकों में बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने और कर्ज से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के मुद्दों पर चर्चा हुई।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

फर्जी गैंगरेप केस का पर्दाफाश, 30 हजार के लालच...

बिलासपुर। जिले से फर्जी गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सकरी थाने में नाबालिग से गैंगरेप की झूठी शिकायत दर्ज कराकर चार युवकों...

इंजीनियरिंग के छात्र बने चैन स्नैचर, बुजुर्ग महिलाओं को...

दुर्ग। सुपेला थाना क्षेत्र में हुई चैन स्नैचिंग की वारदातों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस...

पीएम विकास और कौशल से अवसर तक: अल्पसंख्यक समुदायों...

नई दिल्ली। कई परिवारों के लिए आर्थिक प्रगति किसी बड़े व्यवसाय या उच्च वेतन वाली नौकरी से शुरू नहीं होती। यह एक हुनर, एक...

भिलाई में कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की बेनामी संपत्ति...

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में आयकर विभाग रायपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने भिलाई के...