रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में रात दो बजे तक यानी करीब पांच घंटे तक मैराथन बैठक चली। बैठक के बाद सभी मंत्री, संगठन के पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता सीएम हाउस से रवाना हुए। इस बैठक को लेकर दिनभर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर चलता रहा, क्योंकि कई मंत्री अपने तय कार्यक्रम और दौरे बीच में छोड़कर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे।
बैठक के बाद नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह बैठक सत्ता और संगठन के समन्वय तथा आगामी कार्यक्रमों की रणनीति को लेकर थी। साथ ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को भी खारिज कर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर चर्चा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बैठक में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धियों, विकास कार्यों और आगामी चुनावों की तैयारियों पर विस्तार से मंथन किया गया।
मंत्रियों और विधायकों के दौरों की हुई समीक्षा
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि सभी मंत्रियों के प्रभार वाले क्षेत्रों के दौरे, प्रधानमंत्री के 12 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों और विधायकों के क्षेत्रीय दौरों की समीक्षा की गई।
हर तीन महीने में होती है ऐसी बैठक: विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस तरह की बैठक पहली बार नहीं हुई है। सत्ता और संगठन के बीच हर तीन महीने में समीक्षा बैठक होती है। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की गई और मंत्रियों व विधायकों को उनके प्रभार क्षेत्रों के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उन्होंने साफ कहा कि मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं हुई।
“सब मुस्कुराए, सब सेफ हैं, छत्तीसगढ़ सेफ है”
मंत्री रामविचार नेताम ने बैठक के बाद हल्के अंदाज में कहा, “सब मुस्कुराए, सब सेफ हैं, छत्तीसगढ़ सेफ है।” उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

