धमतरी। सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में तीन दिनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बने तेंदुए को आखिरकार आमानारा गांव में ग्रामीणों ने पकड़ लिया। तेंदुए ने तीन दिनों के दौरान कई लोगों पर हमला किया। वन विभाग के मुताबिक 12 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो लोगों की मौत हुई है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि घायलों की संख्या 19 से अधिक है।
सबसे साहसिक घटना आमानारा गांव में सामने आई, जहां तेंदुए ने तीन वर्षीय बच्ची सुहानी मरकाम पर हमला किया। बच्ची को बचाने के लिए उसके पिता सुरेश मरकाम ने पीछे से तेंदुए को पकड़ लिया। इसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी हिम्मत जुटाई और रस्सी व डंडों की मदद से तेंदुए को काबू में कर लिया। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
तीन दिन से गांवों में फैली थी दहशत
घटनाक्रम की शुरुआत 14 अक्टूबर से हुई थी। सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती वनांचल क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। तेंदुए ने लोगों के सिर, गले, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला कर उन्हें घायल किया। वन विभाग के अनुसार, बस्तर बुडरा निवासी 25 वर्षीय गर्भवती रामशिला मांडवी और 45 वर्षीय प्रभुलाल मंडावी की हमले में मौत हुई है।
तेंदुए को पकड़ने वन विभाग ने लगाए थे कैमरे और पिंजरे
तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने थर्मल ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया और पिंजरे भी लगाए थे। जंगल सफारी से भी विशेषज्ञ टीम बुलाई गई थी। हालांकि तेंदुआ लगातार जगह बदलता रहा और विभागीय टीम उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी। 16 अक्टूबर की सुबह करीब 7:30 बजे तेंदुआ आमानारा गांव में पहुंचा। उसने कुछ ग्रामीणों पर हमला किया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे किसी भी हालत में पकड़ने का फैसला किया।
बच्ची पर हमला होते ही पिता ने लिया मोर्चा
ग्रामीणों के मुताबिक, जब तेंदुआ तीन वर्षीय सुहानी मरकाम की तरफ झपटा तो उसके पिता सुरेश मरकाम ने पीछे से तेंदुए को पकड़ लिया। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने रस्सियों और डंडों की मदद से तेंदुए को काबू में रखा और वन विभाग की टीम के आने का इंतजार किया। इस दौरान ग्रामीणों के साथ बच्चे भी तेंदुए को देखने और उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंच गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों के इस साहस की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने की बात कही है।
तेंदुए में रेबीज की आशंका, जंगल सफारी में होगा उपचार
तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद उसे रायपुर स्थित जंगल सफारी ले जाया गया है। एसडीओ बाल गोविंद साहू के मुताबिक, वहां तेंदुए की मेडिकल जांच और उपचार किया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि उसके असामान्य व्यवहार के पीछे बीमारी या रेबीज जैसे लक्षण तो वजह नहीं हैं।वन विभाग की टीम आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील कर रही है।घायलों को तत्काल आर्थिक मददवन विभाग के अनुसार तेंदुए के हमले में घायल लोगों को तत्काल उपचार के लिए 2 हजार से 5 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। मृतकों के परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की राशि दी गई है। आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद अन्य सहायता राशि भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
DFO बोले- 12 घायलों की पुष्टि
सीतानदी टाइगर रिजर्व के DFO वरुण जैन ने बताया कि विभाग के स्तर पर अब तक 12 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिनमें दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि घायलों की सूची तैयार की जा रही है और सभी को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में विभाग मदद कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तेंदुए को जीवित और सुरक्षित पकड़ने वाले ग्रामीणों के साहस को देखते हुए उन्हें वन विभाग की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।

